Chapter 5 वृक्षाः Hindi Translation

पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में अत्यन्त सरल श्लोकों के द्वारा वृक्षों के महत्त्व को बताया गया है। वृक्ष मनुष्यों के मित्र हैं। वे मनुष्यों के लिए कल्याणकारी तथा अत्यंत उपयोगी हैं। वृक्षों से ही वनों का निर्माण होता है। वृक्षों की शाखाओं पर बैठे हुए पक्षी मधुर कलरव करते हैं मानो वृक्ष मनुष्यों का मनोरञ्जन […]

Chapter 4 विद्यालयः Hindi Translation

Chapter 4 विद्यालयः पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में ‘विद्यालय’ पर आधारित बालकों के वार्तालाप एवं चित्रों के माध्यम से सर्वनाम शब्दों का प्रयोग बताया गया है। संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं। संज्ञा शब्द में जो विभक्ति, वचन तथा लिङ्ग होते हैं, सर्वनाम शब्दों में भी वही विभक्ति, वचन एवं […]

Chapter 3 शब्द परिचयः – III Hindi Translation

पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में चित्रों के माध्यम से अकारान्त नपुंसकलिङ्ग शब्दों का ज्ञान कराया गया है। जो शब्द न तो पुल्लिङ्ग होते हैं और न ही स्वीलिङ्ग होते हैं, वे नपुंसकलिङ्ग कहलाते हैं। जैसे-वस्वम्, पुस्तकम्, फलम्, भवनम् आदि। जिस प्रकार संज्ञा शब्द नपुंसकलिङ्ग में भी होते हैं, उसी प्रकार सर्वनाम शब्द नपुंसकलिङ्ग में भी […]

Chapter 2 शब्द परिचयः – II Hindi Translation

पाठ का हिन्दी-अनुवाद :  1. एषा का? एषा ……………………….. घटिका समयं सूचयति।  हिन्दी-अनुवाद –  यह क्या है?यह झूला है। झूला कहाँ है? झूला बगीचे में है।वह क्या है? वह घड़ी है। घड़ी क्या सूचित करती है?घड़ी समय सूचित करती है।  विशेष-यहाँ सभी वाक्यों में एकवचन तथा स्त्रीलिङ्ग शब्दों का प्रयोग हुआ है। 2. एते के?  किम् एते …………………… ते वाहनं […]

Chapter 1 शब्द परिचयः – I Hindi Translation

Chapter 1 शब्द परिचयः – I पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ में चित्रों के माध्यम से अकारान्त पुंल्लिङ्ग शब्दों का परिचय कराया गया है। जिन शब्दों के अन्त में ‘अ’ स्वर आता है, वे अकारान्त शब्द कहलाते हैं। पुरुष जाति का ज्ञान कराने वाले शब्द पुंल्लिङ्ग कहलाते हैं। जैसे – राम, मोहन, वृक्ष, बालक, वृद्ध आदि। […]

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